शेयर बाजार में सर्किट प्रतिभूतियों के बाजार मूल्य की सीमारेखा (Demarcation Line) है। स्टॉक मूल्य इस सीमारेखा को पर नहीं कर सकता। दूसरे शब्दों में सर्किट शायरों के अधिकतम व न्यूनतम बाजार मूल्य का दायरा है जिसको बाजार मूल्य पार नहीं करता। उदहारण के लिए शेयर X
सर्किट ५%, १०% या २०% का होता है।
सर्किट दो प्रकार के होते हैं -
१. अप्पर सर्किट जिसे वायर सर्किट कहते है।
२. लोअर सर्किट जिसे सेलर सर्किट कहते है।
सर्किट का उद्देश्य बाजार मूल्य को नियमबद्ध करना और ब्यापारी, शेयर दलाल या ऑपरेटर के गलत अभ्याश को रोकना होता है।
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